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Hartalika Teej 2024: पतियों की लम्बी उम्र के लिए महिलाएं रखती हैं हरतालिका तीज व्रत, जानें सही तारीख और पूजा मुहूर्त

Hartalika Teej 2024: हरतालिका तीज एक महत्वपूर्ण हिंदू त्योहार है जो मुख्य रूप से उत्तर भारत में विवाहित महिलाओं द्वारा मनाया जाता है। यह आमतौर पर राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में बड़े पैमानें पर मनाया जाता है।...
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Hartalika Teej 2024: हरतालिका तीज एक महत्वपूर्ण हिंदू त्योहार है जो मुख्य रूप से उत्तर भारत में विवाहित महिलाओं द्वारा मनाया जाता है। यह आमतौर पर राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में बड़े पैमानें पर मनाया जाता है। यह त्योहार (Hartalika Teej 2024) भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष के तीसरे दिन पड़ता है। महिलाएं अपने पतियों के लम्बी उम्र की कामना के लिए यह व्रत रखती हैं। यह त्योहार उस दिन की याद दिलाता है जब देवी पार्वती ने भगवान शिव को अपने पति के रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी।

कब है इस वर्ष यह व्रत

हरतालिका तीज, हरियाली तीज के एक महीने बाद आती है। यह मुख्यतः गणेश चतुर्थी के एक दिन पहले मनाई जाती है। हरितालिका तीज (Hartalika Teej 2024) इस वर्ष शुक्रवार, 6 सितम्बर को मनाया जाएगा। इस दिन महिलाएं शिव-पार्वती की मिट्टी से बनी प्रतिमा की पूजा-अर्चना करती हैं।

प्रातःकाल हरितालिका पूजा मुहूर्त - 06:15 से 08:40
तृतीया तिथि प्रारम्भ - सितम्बर 05, 2024 को 10:51 बजे
तृतीया तिथि समाप्त - सितम्बर 06, 2024 को 13:31 बजे

Hartalika Teej 2024हरतालिका तीज की पौराणिक कहानी

हरतालिका का अर्थ है "महिला मित्र द्वारा अपहरण"। पौराणिक कथाओं के अनुसार, देवी पार्वती शैलपुत्री के रूप में अवतरित हुईं, जो हिमालय की बेटी थीं। नारद के सुझाव पर, उनके पिता ने उनकी शादी भगवान विष्णु से करने का वादा किया। लेकिन पार्वती अपने पिता के फैसले से सहमत नहीं थीं इसलिए उनकी सहेलियां देवी पार्वती का अपहरण कर उन्हें घने जंगल में ले गईं, ताकि उनके पिता उनकी इच्छा के विरुद्ध उनसे विवाह न कर सकें।

भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की तृतीया को देवी पार्वती ने अपने बालों और पत्तों से एक शिवलिंग बनाया। उनके समर्पण से प्रभावित होकर भगवान शिव ने पार्वती से विवाह करने का वचन दिया। अंततः, वह भगवान शिव के साथ एकजुट हो गई और अपने पिता के आशीर्वाद से उनसे विवाह कर लिया। तब से, इस दिन को हरितालिका तीज के रूप में जाना जाता है क्योंकि देवी पार्वती की महिला (आलिका) मित्र को भगवान शिव से विवाह करने के अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए उनका अपहरण करना पड़ा था।

महिलाएं इस दिन रखती हैं निर्जला व्रत

विवाहित महिलाएं इस दिन निर्जला व्रत रखती हैं। पूरे दिन न तो भोजन ग्रहण करती हैं और न ही पानी पीती हैं। पूरे दिन व्रत रखकर महिलाएं अपने पति, बच्चों और खुद के लिए आशीर्वाद मांगती हैं। महिलाएं इस दिन वैवाहिक आनंद के लिए शिव और पार्वती की मूर्तियों की पूजा करते हैं। हरतालिका तीज भारत में हरियाली तीज के उत्सव के एक महीने बाद आती है। कुछ अविवाहित लड़कियां भी अच्छे वर की कामना में यह व्रत रखती हैं।

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